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Showing posts from May, 2025

बेनेट यूनिवर्सिटी में मेरी तीन साल की अनमोल यात्रा!

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आज मैं अपने अंतर्मन की गहराइयों से एक ऐसी कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो तीन वर्षों के अनुभवों, संघर्षों, सफलताओं और अनगिनत यादों का सम्मोहन है। यह कहानी मेरी केवल एक विद्यार्थी के रूप में ना होकर की बल्कि एक व्यक्ति की है, जिसने खुद को दोबारा खोजा, सीखा, खोया- तथा पाया, और अंततः उस स्थान पर पहुँचा जहाँ से उसकी अगली उड़ान शुरू होगी। यादें जिन्हें देखकर लगता हैं जैसे कल की ही बात हो! आज दिनांक 28 मई 2025 को देश के सबसे बड़े और पुराने मीडिया हाउस द टाइम्स ग्रुप की बेनेट यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में मेरा अंतिम दिन था। आँखें बंद करूँ तो साफ दिखता है पापा के साथ वो पहली बार, जब हम एडमिशन के लिए कैंपस विजिट पर आए थे। आलीशान हरा-भरा सर्वसुविधा युक्त कैंपस, ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स, नए-नए लोग….सब कुछ एक नए सफ़र की शुरुआत लग रहा था। अभी तो मेरा एडमिशन हुआ था, अभी तो फ्रेशर्स पार्टी हुई थी, एनुअल फेस्ट की सब चमक-धमक, सेलिब्रिटीज के म्यूजिक कॉन्सर्ट और मेरी आशा भरी आँखों से सबको देखना ये सबकुछ आज भी कल की ही तरह लगता है। तब मैंने सोचा भी नहीं था कि आने वाले तीन साल न जाने कितनी ऊँचा...

एनएसएस फेलिसिटेशन सेरेमनी 2024-25: विदाई के आंसू और अनमोल यादें!

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23 मई 2025 का दिन मेरे लिए बेहद ही भावुक करने वाला दिन था। एनएसएस ने मेरी पूरी कॉलेज लाइफ को प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक एक परिवार की तरह सँवारा है। उन सभी पलों को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है हर एक एक्टिविटी, हर एक अनुभव, हर एक मुस्कान और हर एक आंसू ने मेरे दिल में अमिट छाप छोड़ी है। हमारी "एनएसएस काउंसिल फेलिसिटेशन सेरेमनी 2024-25" एक अविस्मरणीय समारोह था क्योंकि बेनेट यूनिवर्सिटी एनएसएस यूनिट के इतिहास में कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ, इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है कि मैं भी इस समारोह का हिस्सा रहा, साथ ही मेरे प्यारे साथी वंश गुप्ता भैया और नमन गर्ग भी क्योंकि हम तीनों ही इस वर्ष ग्रेजुएट हो रहे हैं…! समारोह का आरंभ: स्वागत की गरमाहट दिन की शुरुआत ही एक अलग एहसास से हुई थी—जब मैंने उस हॉल के दरवाज़े पार किए तो वहां ब्लेज़र में सभी को तैयार होकर आता देख फॉर्मल्स में सभी साथी बेहद खूबसूरत लग रहे थे। वहां मौजूद हर व्यक्ति का चेहरा गर्व और आशा से झिलमिला रहा था। प्रमुख अतिथियों का अभिभाषण: प्रेरणा के दीप समारोह में शामिल हुए हमारे सम्माननीय अतिथिगण वाइस...

सच की तस्वीर: दानिश सिद्दीकी की विरासत और स्वतंत्र पत्रकारिता की अग्निपरीक्षा!

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(लेखक - नैवेद्य पुरोहित) जब सच को शब्दों से नहीं, तस्वीरों से बयान करना हो तब पत्रकारिता में दानिश सिद्दीकी जैसा नाम सामने आता है। उनकी शहादत सिर्फ एक पत्रकार की मृत्यु नहीं थी, वह एक विचार, एक दृष्टिकोण, और ‘ग्राउंड जीरो’ पत्रकारिता का प्रतीक थी। ऐसे समय में जब भारतीय मीडिया संस्थान टीआरपी की होड़ में खबरों की आत्मा को बेच चुके हैं, दानिश सिद्दीकी की यादें और उनके नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्थापित दानिश सिद्दीकी फाउंडेशन एक जरूरी हस्तक्षेप बनकर सामने आए हैं। दानिश सिद्दीकी कौन थे? फोटोग्राफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय दानिश सिद्दीकी थे। अदनान आबिदी के साथ 2018 में विश्व की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करते हुए रोहिंग्या शरणार्थी संकट की कवरेज के लिए पुरस्कार जीता था। उन्होंने अफगानिस्तान युद्ध, रोहिंग्या संकट, दिल्ली दंगे, और कोविड-19 जैसी घटनाओं को कैमरे के माध्यम से विश्व के सामने लाकर न केवल पत्रकारिता की परिभाषा को विस्तृत किया, बल्कि पत्रकार की जोखिम भरी भूमिका को उजागर किया। जुलाई 2021 में कंधार में तालिबान के साथ संघर्ष के दौरान उनकी हत...

क्रिप्टो के जाल में फंसा एक नौजवान: 95,000 रुपये गँवा दिए! 

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(लेखक: नैवेद्य पुरोहित) आज का नौजवान मेहनत से दूर भागता है। उसे लगता है कि मेहनत करने से कुछ नहीं होगा, सब कुछ जल्दी चाहिए—नाम भी, पैसा भी। लगभग हर बच्चा चाहता है कि वह कम समय में सफल हो जाए और झटपट अमीर बन जाए। इसी सोच की वजह से मेरे आसपास भी कई लड़के हैं जो रोज़ आईपीएल में सट्टा लगाते हैं, और कुछ क्रिप्टो के चक्कर में उलझ जाते हैं। वो ये समझ ही नहीं पाते कि क्रिप्टो सिर्फ एक नाम है, असल में यह एक ग्रे मार्केट है, जहां न कानून का दायरा है, न कोई पक्की सुरक्षा। क्या है क्रिप्टोकरेंसी? क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल पैसा है। ये ऑनलाइन लेन-देन के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन इसे आप देख या छू नहीं सकते। इसकी कोई नोट या सिक्के जैसी शक्ल नहीं होती—जैसे बिटकॉइन, एथेरियम, या यूएसडीटी (USDT)। यूएसडीटी एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी है जिसकी कीमत आमतौर पर 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर रहती है। मतलब अगर डॉलर 95 रुपये का है, तो 1 यूएसडीटी भी लगभग उतना ही होगा। कैसे और कहां खरीदी-बेची जाती है क्रिप्टो? क्रिप्टो को खरीदने-बेचने के लिए कुछ वेबसाइटें होती हैं जिन्हें "एक्सचेंज" कहा जाता है। कुछ सें...

शुरुआत से अंत तक: आंगन ओल्ड एज होम में हमारी एनएसएस यात्रा!

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(नैवेद्य पुरोहित) 25 फरवरी 2023...तारीख़ अब भी ज़हन में जस की तस बसी हुई है। एक फर्स्ट ईयर के छात्र के रूप में एनएसएस सदस्य होने के नाते मैं आंगन एल्डरली होम, सेक्टर 105, नोएडा में ओल्ड एज होम विजिट के तौर पर गए थे। उस वक़्त चिराग पाहूजा भैया अध्यक्ष थे। पहली बार जब मैं वहाँ गया तो बस एक मासूम जिज्ञासा थी, एक भाव था बुजुर्गों से मिलने का। फिर उसी साल 22 अप्रैल 2023 में हम फिर से वहाँ लौटे...हर बार और करीब आते गए वहां रह रहे सभी बुजुर्गों से, उनकी अधूरी कहानियों से...उसके बाद वाले सत्र में वंश गुप्ता भैया के अध्यक्षीय काल में 24 अप्रैल 2024 को हम एक बार फिर वहाँ पहुँचे। इस बार हमने एक डॉक्युमेंट्री भी शूट की थी जिसमें उन बुजुर्गों की दुखभरी कहानियां सुनी, जिनके बच्चे अभी विदेशों में नौकरी कर रहे हैं...और किसी की माँ किसी के पिता अकेलेपन के इस "आंगन" में अपने आख़िरी दिन गिन रहे हैं। वो कहानियाँ चुभती थीं, रुलाती थीं, सवाल करती थीं। इस बार 2025 में आंचल मित्तल दीदी की अध्यक्षता में, हमारा इस बार कार्यकाल वहीं समाप्त हुआ जहां से सब शुरू हुआ था। हर बार की तरह हमने गाना गाया,...

अमरपुर हरित उपवन में एनएसएस वॉलंटियर्स की यादगार यात्रा!

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(लेखक - नैवेद्य पुरोहित) शनिवार 03 मई 2025 का दिन एक बेहद खास और अविस्मरणीय अनुभव लेकर आया, जब हम एनएसएस वॉलंटियर्स के रूप में अमरपुर हरित उपवन पहुंचे। यह स्थल अमरपुर गांव, दनकौर के पास, जिला गौतमबुद्ध नगर, (उ.प्र) में स्थित है। साथ में हमारे तीन प्रेरणादायक शिक्षकगण डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश कुमार और डॉ. उमेश गुप्ता भी हमारे मार्गदर्शक बनकर उपस्थित थे। मौसम का जादू और प्रकृति की गोद में स्वागत सुबह से ही मौसम बेहद शानदार था — ठंडी हवा, काले बादल और हरियाली के बीच घुलती मिट्टी की सोंधी खुशबू ने मन मोह लिया। जैसे ही हम वहां पहुंचे, प्रकृति ने जैसे बांहें खोल कर स्वागत किया। यह स्थान किसी ऑफबीट पिकनिक स्पॉट से कम नहीं था शांत, हराभरा और आत्मा को सुकून देने वाला। शहद उत्पादन की अद्भुत प्रक्रिया का अनुभव! मेरे लिए इस यात्रा का सबसे अनोखा और नया अनुभव था मधुमक्खी पालन और शहद निर्माण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखना। यहाँ के प्रमुख भानुप्रताप सिंह बघेल ने हमें शुरुआत से अंत तक इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को नेट कैप्स और ग्लव्स भी प्रदान किए ताकि हम ब...