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Showing posts from July, 2024

प्रेमचंद: समाज का दर्पण

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धनपत राय श्रीवास्तव, जी हां मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम यहीं था इस नाम से कई लोग अपरिचित हो सकते है लेकिन शायद ही कोई यह जानता हो कि 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के पास लमही गांव में एक डाकघर में काम करने वाले मुंशी के यहां साहित्य का वो सूरमा पैदा होगा जिसे सदियों तक याद किया जाएगा। आज उनकी 144वीं जन्मजयंती पर सभी साहित्यप्रेमी उन्हें याद कर रहे है। एक महान कथाकार, उपन्यास सम्राट से बढ़कर वे एक जनलेखक थे। मुंशी प्रेमचंद के बारे में नौवीं कक्षा में प्रसिद्ध व्यंगकार हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित एक पाठ पढ़ा था 'प्रेमचन्द के फटे जूते' जो आज भी मुझे अच्छे से याद है। भारतीय साहित्य का इतिहास उनके ज़िक्र के बिना अधूरा है। प्रेमचंद की सभी कहानियों ने समाज के दर्द, संवेदना और यथार्थ को छुआ है। बरसों पहले उनकी कहानियों में जो मानवीय मूल्यों की चर्चा होती है, वो आज भी प्रासंगिक है! 'प्रेमचंद के फटे जूते' पाठ में एक जगह पर हरिशंकर परसाई लिखते है "फ़ोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?" लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है और वे आगे लिखते...

पालीवाल समाज के प्रथम पत्रकार गणेशचन्द्र जी पुरोहित की 54वीं पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन

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"महान व्यक्ति महान पैदा नहीं होते, वे महान बनते हैं।" "Great men are not born great, they become great." आज से 54 वर्ष पहले आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शुक्रवार का वह दिन 10 जुलाई 1970 को मेरे परदादाजी स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी पुरोहित का असामयिक निधन हुआ था। मुझे उनसे मिलने का मौका कभी नहीं मिला लेकिन परिवार और समाज के बुजुर्गों द्वारा बताई गई कहानियों ने एक ऐसे व्यक्ति की मेरे सामने ज्वलंत तस्वीर पेश की जो न केवल अपने समय के एक अग्रणी पत्रकार थे, बल्कि बेहद आकर्षक व्यक्ति थे। परिवार के बुजुर्ग अक्सर उनके आकर्षक रूप और करिश्माई व्यक्तित्व के बारे में याद करते हुए कहते थे, "वे इतने सुंदर थे कि लोग उन्हें देखे बिना नहीं रह सकते थे।" अपनी मृत्यु के समय उनकी उम्र लगभग 45-50 वर्ष की रही होगी। वे पालीवाल ब्राह्मण समाज के पहले पत्रकार थे 1955 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के ठीक आठ साल बाद मेरे परदादाजी ने पालीवाल ब्राह्मण समाज के लिए 'पालीवाल' नामक मासिक पत्रिका शुरू की। यह पत्रिका निःशुल्क वितरित की जाती थी और इन्दौर के जवाहर मार्ग पर रॉ...