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Showing posts from February, 2025

जीवन का सबसे खूबसूरत उपहार: रक्तदान!

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आज 27 फरवरी 2025, को मैंने एनएसएस यूनिट बेनेट यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में तीसरी बार रक्तदान किया। यह शिविर ओम चैरिटेबल ब्लड सेंटर, सेक्टर 63 नोएडा के सहयोग से आयोजित हुआ और इस बार भी पहले की तरह, यह अनुभव दिल को सुकून देने वाला रहा। मुझे आज भी 2022 का वो दिन याद है जब मैं रक्तदान करने के लिए बहुत उत्साहित था, लेकिन 18 साल से कम उम्र होने की वजह से मुझे अनुमति नहीं मिली। उस दिन मैंने खुद से वादा किया था कि जैसे ही मैं योग्य होऊंगा, मैं हर साल रक्तदान करूंगा। यह मेरा तीसरा रक्तदान है और चौथी बार इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया है। हम में से कई लोग यह नहीं जानते कि सिर्फ 450ml (1 यूनिट) रक्त तीन लोगों की जान बचा सकता है! रक्तदान करने में कुछ मिनट ही लगते हैं, लेकिन यह किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। इस बार भी मुझे "Certificate of Life Saver" मिला, लेकिन असली खुशी इस बात की है कि मेरा छोटा सा योगदान किसी को नई जिंदगी देगा। रक्तदान केवल एक समाजसेवा नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। मैं सभी स्वयंसेवकों, रक्तदाताओं...

ईशा फाउंडेशन पर गंभीर आरोप: क्या सद्गुरु के आश्रम में शोषण हो रहा है?

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(नैवेद्य पुरोहित) सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वतंत्र पत्रकार श्याम मीरा सिंह द्वारा किए गए एक विशेष खुलासे में दावा किया गया है कि ईशा फाउंडेशन में नाबालिग लड़कियों के ऊपरी वस्त्र उतरवाकर उनका इनिशिएशन (दीक्षा) किया जाता था। इस सनसनीखेज दावे के समर्थन में कथित तौर पर फाउंडेशन के आधिकारिक ईमेल्स का हवाला दिया गया है, जो इस संस्था की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आश्रम में क्या चल रहा है ? श्याम मीरा सिंह के यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए इस वीडियो में ईशा फाउंडेशन के भीतर हो रही कथित अनियमितताओं को उजागर किया गया है। वीडियो में दावा किया गया है कि फाउंडेशन के भीतर महिलाओं और विशेष रूप से नाबालिग लड़कियों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनिशिएशन प्रक्रिया के दौरान लड़कियों से उनके ऊपरी वस्त्र उतरवाने के लिए कहा जाता था, जो आध्यात्मिक प्रक्रिया के नाम पर शोषण जैसा प्रतीत होता है। ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु की छवि पर असर सद्गुरु को दुनियाभर में एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में जाना जाता है। वह पर्यावरण,...

संस्मय प्रकाशन ने विश्व पुस्तक मेले में इंदौर का प्रतिनिधित्व किया!

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(नैवेद्य पुरोहित) संस्मय प्रकाशन, जो वर्षों से नई दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले में इंदौर का एकमात्र प्रतिनिधि रहा है। इस वर्ष भी 34वें विश्व पुस्तक मेले 2025 में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह मेला 1 फरवरी से 9 फरवरी तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली में चला जहाँ लाखों पाठकों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। संस्मय प्रकाशन ने इस वर्ष भी हिंदी साहित्य की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत करते हुए समीक्षा, कविता संग्रह, कहानियाँ, ग़ज़ल, बाल साहित्य, भाषा विमर्श और पत्रकारिता से जुड़ी पुस्तकें प्रदर्शित की। मेले के दौरान प्रख्यात लेखकों की किताबों की शानदार बिक्री हुई, जिससे यह सिद्ध होता है कि हिंदी साहित्य के प्रति पाठकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। संस्मय प्रकाशन के संचालनकर्ता अर्पण जैन 'अविचल' ने कहा, "निःसंदेह प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी पाठकों, लेखकों, अतिथियों सहित सभी सहयोगियों का बहुत साथ व सहयोग मिला। इस मेले में संस्मय प्रकाशन की 11 कृतियों का लोकार्पण हुआ। आप सभी के साथ के लिए हम हृदय से आभारी हैं।" संस्मय प्रकाशन के संचालक अ...

रशिया टुडे का अद्वितीय सफ़र और मास्टरक्लास का अनुभव!

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(नैवेद्य पुरोहित) आज के डिजिटल युग में जहाँ सूचना का आदान-प्रदान त्वरित और व्यापक हो चुका है, "रशिया टुडे (आरटी)" ने अपने निरंतर प्रयासों और नवाचारों के बल पर अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता में एक अद्वितीय पहचान बनाई है। टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया, बेनेट यूनिवर्सिटी के सहयोग से गुरुवार दिनांक 6 फरवरी 2025 को आयोजित मास्टरक्लास में पत्रकारिता में नैतिकता, जिम्मेदारियों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग के पहलुओं पर चर्चा की गई, जिससे मीडिया का विद्यार्थी होने के नाते नई दिशा और प्रेरणा मिली। सत्र का विषय "एक अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क के लिए काम करना: रिपोर्टिंग, प्रस्तुतीकरण, नैतिकता और जिम्मेदारियाँ" था। जिसकी मुख्य वक्ता रशिया टुडे की प्रेजेंटर और सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट निक्की आरोन और रशिया टुडे एकेडमी की शैक्षणिक परियोजनाओं की प्रमुख अन्ना कोवतुनोवा रही। रशिया टुडे का वैश्विक सफ़र रशिया टुडे का गठन 2005 में रूस की छवि विदेशों में सुधारने के लिए रूसी सरकार द्वारा किए गए जनसंपर्क प्रयास का एक हिस्सा था। आरटी को रूस की सरकार के हिस्से, फेडरल एजेंसी फॉर प्रेस एंड मास मीडिया...