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Showing posts from October, 2024

अभिषेक ब्रिक्स: 1982 से दीपावली पर प्रेम और सेवा की लौ जलाते हुए

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प्रेम और प्रकाश की परंपरा इस साल भी कायम (नैवेद्य पुरोहित) हर साल दीपावली का पर्व मनाते हुए मुझे एक नई प्रेरणा मिलती है। दीपावली आमतौर पर मिठाइयों, नए कपड़ों, फटाखों और खुशियां बांटने का त्योहार होता है। लेकिन इस दुनियां में ऐसे बहुत सारे लाखों करोड़ों लोग है जो यह पर्व नहीं मना पाते कुछ आर्थिक स्थिति की वजह से तो कुछ सामाजिक स्थिति के कारण पिछड़ जाते है। आखिर वे गरीब लोग भी इंसान है उन्हें भी त्योहार उतना ही धूमधाम से मनाने का हक है जितना हम मनाते है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेरे दादाजी राजेन्द्र पुरोहित ने 1982 में एक परंपरा की शुरुआत की - प्रेम और प्रकाश फैलाने की परंपरा। प्रारंभ में जब तुलसी ब्रिक्स नाम से दादाजी द्वारा ईट का भट्टा लगाया गया था तब भी उस समय जितनी हैसियत अनुसार मिठाइयां कपड़े बांट सकते थे उतना करते थे। उसके बाद सन 2004 में मेरे जन्म के बाद अभिषेक ब्रिक्स की शुरुआत हुई। शुरू से ही ऐसे संस्कार दिए है सिखाया है कि बेटा दिवाली को केवल अपने लिए नहीं बल्कि उन लोगों के साथ मनाना चाहिए जिनके पास इस त्योहार की चमक तक नहीं पहुँच पाती। हर साल दिवाली पर हम मिठाइयाँ, कप...

भवन्स प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल ने मनाया 'एग्जिबिशन और फेटे 2024' का उत्सव

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प्रतिभाशाली छात्रों ने साइंस प्रोजेक्ट्स, स्वादिष्ट भोजन के स्टॉल्स और मनोरंजन का प्रदर्शन किया इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के पास स्थित भवन्स प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल 26 अक्टूबर 2024 को रचनात्मकता और नवाचार के जीवंत केंद्र में तब्दील हो गया। हर साल की तरह इस साल भी स्कूल ने बहुप्रतीक्षित इस "एग्जिबिशन और फेटे 2024" का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रतिभाशाली छात्रों द्वारा तैयार किए गए STEAM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित) प्रदर्शनों की एक प्रभावशाली श्रृंखला प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी हॉल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से भरा हुआ था जो प्रदर्शित अभिनव परियोजनाओं को देखने के लिए उत्सुक थे। जटिल रोबोटिक डिज़ाइन से लेकर शानदार कला प्रतिष्ठानों तक प्रदर्शनियों ने छात्रों की उल्लेखनीय प्रतिभा और सरलता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में विज्ञान कला गणित से जुड़े अलग अलग कई विषयों को शामिल किया गया था। इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण फ़ूड फ़ेस्टिवल था जिसमें स्कूल के ग्यारहवीं बारहवीं के छात्रों द्वारा मुंह में पानी लाने वाले कई व्यंजनो के स्टॉल्स लगाए ...

बेनेट यूनिवर्सिटी ने जोश के साथ NAAC PEER TEAM का स्वागत किया!

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(नैवेद्य पुरोहित) मुझे यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि 21 अक्टूबर 2024 को बेनेट यूनिवर्सिटी में एक महत्वपूर्ण दिन था! सुबह सुबह हमने विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध विशेषज्ञों से बनी प्रतिष्ठित NAAC PEER TEAM का गर्मजोशी से स्वागत किया: एनआईटी कुरुक्षेत्र से प्रो. जगदीप सिंह, डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश में रजिस्ट्रार डॉ. सुजाता पीला, एनआईटी सिलचर असम से प्रो. रजत गुप्ता, बांकुरा यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल से डॉ. सुबीर कुमार रॉय, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से डॉ. शशिकांत शर्मा और नॉर्थ महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी जलगांव में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. सीमा जोशी। बेनेट यूनिवर्सिटी की एनएसएस यूनिट का वाइस प्रेसिडेंट पीआर एंड फाइनेंस के रूप में मुझे स्वागत समिति का हिस्सा बनने का मौका मिला। यूनिवर्सिटी के एनसीसी कैडेट्स ने अतिथियों को शानदार गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हमारे एनएसएस वॉलंटियर्स ने जोश और गर्व के साथ प्रतिष्ठित एनएसएस गीत "स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें" गाया। इस अवसर पर हमारे विश्वविद्यालय की प्रो वाइस चांसलर रेवती जैन मैम, वाइस चांसलर अज...

नकारात्मक सोच से समस्याएँ बढ़ती हैं, सकारात्मक सोच ही एकमात्र उपचार है - डॉ. स्वप्न गुप्ता

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बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए मस्तिष्क को फिर से जोड़ने के लिए एक न्यूरोलॉजिस्ट की मार्गदर्शिका: बेनेट यूनिवर्सिटी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया 10 अक्टूबर 2024 को बेनेट यूनिवर्सिटी के एचआर विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित कर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया। मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित इस दिन यूनिवर्सिटी के सारे डिपार्टमेंट्स के डीन, फैकल्टीज और एनएसएस वॉलंटियर्स ने भाग लिया। एनएसएस वॉलंटियर्स ने अपनी भागीदारी प्रोजेक्ट संवाद के अंतर्गत की थी। बेनेट यूनिवर्सिटी की एनएसएस इकाई में 6 प्रोजेक्ट्स चल रहें हैं। उन्हीं में से एक प्रोजेक्ट संवाद नाम की पहल है जो स्वास्थ्य जैसे विभिन्न विषय जिस पर समाज में जागरूकता लाने की ज़रूरत है उससे संबंधित कार्यशालाओं और कार्यक्रमों को आयोजित करता है। बहरहाल, डॉ. स्वप्न गुप्ता एमबीबीएस जो कि जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, नई दिल्ली में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर है। उनके द्वारा संचालित इस सत्र में मानव मस्तिष्क के जटिल कामकाज और मानसिक स्वास्थ्य में इसकी भूमिका के ...

निष्पक्ष पत्रकारिता का अनुसरण: आज के मीडिया परिदृश्य में चुनौतियाँ और अनिवार्यताएँ

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बीबीसी में भारतीय भाषा कलेक्टिव न्यूज़रूम के संपादकीय अनुपालन प्रमुख राजेश प्रियदर्शी द्वारा अतिथि व्याख्यान 10 अक्टूबर 2024 को बेनेट यूनिवर्सिटी के टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया में राजेश प्रियदर्शी ने 'निष्पक्ष पत्रकारिता का अनुसरण' विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया। वे लगभग पिछले ढाई दशक से बीबीसी में कार्यरत है और वर्तमान में बीबीसी में भारतीय भाषा कलेक्टिव न्यूज़रूम के संपादकीय अनुपालन प्रमुख हैं। प्रोफेसर डॉ. तिलक झा के द्वारा आयोजित इस ज्ञानवर्धक सत्र में मैंने निष्पक्ष पत्रकारिता की पेचीदगियों और इस राह पर आने वाली चुनौतियों का पता लगाया। पत्रकारिता में विश्वास का महत्व राजेश प्रियदर्शी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि 'विश्वास' किसी भी मीडिया संगठन की आधारशिला होना चाहिए। उन्होंने कई व्यक्तियों से मिलने के अपने अनुभव को साझा किया जो एक टीवी समाचार चैनल लॉन्च करना चाहते है पर वो ऐसे स्पष्ट एजेंडे वाले व्यवसायियों या राजनेताओं के द्वारा फंडेड हैं जिनकी विचारधारा जगजाहिर हैं। ऐसे लोग कहते है कि शुरुआती कुछ वर्षों में हमें निष्पक्ष रहना पड़ेगा ताकि आम जनता के मन मस्तिष्क में...

एक युग का अंत: भारत ने खोया अपना 'अनमोल रतन'

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(नैवेद्य पुरोहित) कल रात जब देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के निधन की मेरे पास व्हाट्सएप पर किसी ग्रुप से ख़बर आई तब पहला ख्याल मन में यही आया कि यह फेक न्यूज है। क्योंकि दो दिन पहले ही अपने निधन की सारी झूठी अफवाहों पर विराम लगाते हुए रतन टाटा ने पोस्ट किया था कि मैं पूर्णतः स्वस्थ हूं। बमुश्किल पांच से दस मिनट हुए होंगे और जिन सारे न्यूज पोर्टल्स का मैंने सब्सक्रिप्शन ले रखा है बारी-बारी से इस दुखद सूचना के नोटिफिकेशन आने लगे। आज रात जब मैं यह लिखने बैठा तो मेरा दिल अनगिनत भावनाओं से भर गया। बचपन से आज तक रतन टाटा की सरलता और महानता के बारे में सुनते, पढ़ते और देखते हुए आया हूं। एक ऐसे महान दूरदर्शी व्यक्ति जो भारत के सच्चे सपूतों में से एक थे। देश के उद्योग जगत को उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन को स्वीकार करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष पड़ेगा। एक उद्योगपति के बेटे के रूप में, निजी तौर पर पत्रकारिता और राजनीति के अलावा किसी विषय से मैं आकर्षित हुआ हूं तो वह व्यापार और वित्त की दुनिया थी जो मुझे मोहित करती थी, यह स्वाभाविक भी है। भारत के तमाम बड़े उद्यमियों की भरमार के बीच एक नाम मे...

जाति का जुआ, संघ की रणनीति ने दिल छुआ: हरियाणा में भाजपा की जीत की कहानी

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(नैवेद्य पुरोहित) हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने निर्णायक जीत हासिल की है हरियाणा के इतिहास में पहली बार किसी दल ने तीसरी बार राज्य में बहुमत के साथ सरकार बनाई है। एंटी इनकंबेंसी और कुछ आंतरिक मतभेदों के बावजूद, भाजपा ने जातिगत समीकरण और कूटनीति के तहत नेतृत्व परिवर्तन की बदौलत अपना दबदबा कायम रखा। नेतृत्व परिवर्तन: खट्टर की जगह सैनी को लाया गया चुनाव से पहले सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक मार्च 2024 में मनोहरलाल खट्टर की जगह अचानक ही किसी नायाब सिंह सैनी नाम के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना था। खट्टर के नेतृत्व की आलोचना बढ़ती जा रही थी, क्योंकि उनके अंदर अहंकार और लोगों से बदतमीजी से बात करने के आरोप लग रहे थे। कई मतदाताओं में साफ़ तौर पर खट्टर के खिलाफ़ नाराज़गी देखी जा रही थी। दूसरी ओर, नायाब सिंह सैनी जो मिलनसार और लोगों के बीच में से आएं हुए व्यक्ति थे। भाजपा के लिए सत्ता विरोधी लहर से निपटने का हथियार बन गए थे। नायाब सिंह सैनी के नेतृत्व और उनकी गैर-जाट पहचान ने हरियाणा में भाजपा की लंबे समय से चली आ रही गैर-जाट राजनीतिक रणनीति को मजबूती दी। हरियाणा ...

देश के मूर्धन्य पत्रकार स्वर्गीय माणिकचन्द्र वाजपेयी 'मामाजी' की 105वीं जन्मजयंती पर कोटि कोटि नमन

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देश के मूर्धन्य पत्रकार, इन्दौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष, संघ के पूर्व प्रचारक, दैनिक स्वदेश के प्रधान संपादक रहें मेरे परदादाजी स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी पुरोहित के मित्र स्व.माणिकचन्द्र वाजपेयी 'मामाजी' की 105 वीं जन्मजयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। मेरे दादाजी राजेन्द्र पुरोहित अक्सर मुझे बताते हैं कि परदादाजी उन्हें हर जगह अपने साथ रखते थे। लिहाज़ा शहर के कई कार्यक्रमों में वे दादाजी को साथ लेकर जाया करते थे। दादाजी कहते है कि मामाजी माणिकचन्द्र वाजपेयी की तो गोद में वे खेले हैं। जीवनभर उन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ ध्येयनिष्ठ और मूल्यवान पत्रकारिता की। आपातकाल के दौरान मामाजी 21 महीने तक जेल में बंद रहें और कई यातनाएं उन्हें सहन करना पड़ी। इसी अवधि में उनकी धर्मपत्नी का स्वर्गवास हो गया, इसके बावजूद वे विचलित नहीं हुए। काशी में जब वे शिक्षावर्ग में प्रबोधन दे रहे थे, तभी उनके एकमात्र पुत्र के निधन की खबर पहुँची। पीड़ा की पराकाष्ठा को सहते हुए उन्होंने खुद को संभाले रखा। वरिष्ठ पत्रकार विजय मनोहर तिवारी उनके संदर्भ में लिखते है, "उनके जन्म के सौ साल बाद कोई ऐर...

इंडोनेशिया: सीमाओं से परे एक रोमांच, खोज, विकास और उत्साह से भरी यात्रा!

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गुरुवार 13 जून का दिन था, नोएडा में टाइम्स नेटवर्क में एक नियमित कार्यदिवस, जहाँ मैं न्यूज़ लाइब्रेरी विभाग में अपनी ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कर रहा था। सुबह सामान्य दिनचर्या में बीत गई थी मेटाटेगिंग करना, कुछ टेप्स जमाना आदि। मैं अपने लंच ब्रेक के लिए जाने ही वाला था कि कुछ ऐसा संयोग हुआ कि मेरे विदेश यात्रा के योग बन गए। मेरे इनबॉक्स में प्रोफ़ेसर डॉ. अभय बंसल जो कि हमारे बेनेट यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और इंटरनेशनल रिलेशंस के डीन है उनका एक ईमेल आया। विषय पंक्ति में लिखा था: "इंडोनेशिया इमर्शन प्रोग्राम" उत्सुकता से, मैंने ज़रा भी देर किए बिना ईमेल खोला। मेरी नज़रों ने फटाक से पूरे मेल को स्कैन किया और मुझे लगा यह अवसर वाकई बहुत अच्छा है। इंडोनेशिया में 10 दिवसीय एक ग्लोबल प्रोग्राम का हिस्सा बनने का मौका मिल रहा था। ईमेल के अंत में लिखी गई बात पर मेरा ध्यान गया, "सम्पूर्ण रूप से वित्तपोषित कार्यक्रम नोट: छात्रों को केवल यात्रा के लिए राउंड-ट्रिप एयरफेयर की लागत वहन करनी होगी।" यह पढ़कर मेरी धड़कनें तेज़ हो गई और मेरे अंदर न जानें क्य...