महाकुंभ 2025: भव्यता के पीछे छुपा वीभत्स सच!
(नैवेद्य पुरोहित) जिस महाकुंभ की भव्यता का गुणगान छाती पीट-पीट कर किया जाता है, उसकी चकाचौंध के पीछे छुपा सच देखकर आज रोंगटे खड़े हो रहे हैं। धरती का सबसे बड़ा धार्मिक आध्यात्मिक महोत्सव होने के साथ यह आस्था के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। इतने भव्य और दिव्य आयोजन में 30 लोगों की मौत (सरकारी आंकड़े के अनुसार) का जिम्मेदार कौन है? यह सवाल हवा में लटका रहता है! प्रशासन, वीवीआईपी कल्चर, या फिर अंधी आस्था इनमें से कौन है गुनहगार? शायद तीनों ही! वीवीआईपी कल्चर: आम आदमी की जिंदगी से खिलवाड़! हमारे देश में वीवीआईपी कल्चर एक ऐसा कैंसर है, जिसका कोई इलाज नहीं। यहाँ वीआईपी होना एक रोग है जो आम आदमी की जिंदगी को नर्क बना देता है। महाकुंभ जैसे आयोजनों में यह रोग और भी भयावह रूप ले लेता है। वीआईपी के लिए सुरक्षा के नाम पर आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया जाता है। क्या आम आदमी की जान की कीमत वीआईपी के एक झूठे अहंकार से कम है ? प्रशासनिक लापरवाही: मौतों का सिलसिला आखिर कब महाकुंभ में हर बार होने वाली मौतों का सिलसिला रुकेगा? क्या प्रशासन इन मौतों के लिए जिम्मेदार नहीं ...