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Showing posts from September, 2024

55 साल की निस्वार्थ सेवा: बेनेट यूनिवर्सिटी में मनाया गया एनएसएस स्थापना दिवस

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24 सितंबर 2024 को बेनेट यूनिवर्सिटी की एनएसएस इकाई ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस को गर्व से मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राघवेंद्र कुमार (हेलमेट मैन ऑफ इंडिया), प्रो.अंशुमाली शर्मा (उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य एनएसएस अधिकारी), प्रो.अनिल कुमार सिंह (जेएनयू के प्रोफेसर), डॉ. प्रीतेश कुमार (राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता), अनुज फाल्सवाल (एनएसएस एनएसयूटी सेल के संस्थापक अध्यक्ष), प्रो.संजीव शर्मा (मानव पारिस्थितिकी और पर्यावरण प्रबंधन विशेषज्ञ), महिपाल सिंह (पर्यावरण कार्यकर्ता) रहें। 24 सितंबर का दिन भारत में युवा सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मई 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा बुलाए गए छात्र प्रतिनिधियों के एक सम्मेलन में सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई कि राष्ट्रीय एकता के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना एक साधन हो सकती है। चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान एनएसएस के लिए पांच करोड़ रुपये निर्धारित करते हुए 24 सितंबर 1969 को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री वी.के.आर.वी. राव ने सभी राज्यों के ...

मणिपुर जल रहा है, मीडिया अब भी मौन है!

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18 महीने की चुप्पी, हाशिए पर पड़ी आवाज़ों को कौन सुन रहा है ? - सप्तर्षि बसाक रोमन सम्राट नीरो के बारे में एक कहावत हमारे देश में बड़ी मशहूर है। 'जब रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था!' आज के संदर्भ में देखा जाए तो इसे बदलकर 'जब मणिपुर सुलग रहा था, तब मुख्यधारा मीडिया सो रहा था' यह ज्यादा प्रासंगिक लगता है। कल शुक्रवार, 20 सितंबर 2024 को बेनेट यूनिवर्सिटी के टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया में द क्विंट के ओपिनियन एडिटर सप्तर्षि बसाक ने 'फेक न्यूज और सोशल मीडिया के युग में कॉन्फ्लिक्ट रिपोर्टिंग में नैतिक चिंताएं' विषय पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण गेस्ट लेक्चर दिया। लगभग दो घंटे तक चले इस विशेष सत्र में, सप्तर्षि बसाक ने हमें संघर्ष रिपोर्टिंग (Conflict Reporting) के जटिल मुद्दों से रूबरू कराया और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे पत्रकारिता में नैतिकता और सत्यनिष्ठा का महत्व बढ़ जाता है जब संघर्ष और हिंसा से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग की बात आती है। पिछले 17 महीने में वह 3 बार मणिपुर जैसे हिंसाग्रस्त इलाके में अपनी जान जोखिम में डालकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर चुके हैं। अप...