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Showing posts from March, 2023

साउथ में अभिनेताओं के लिए जो दीवानगी है वह देखने लायक होती है !

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बीते सप्ताह के मंगलवार 21 मार्च 2023 को बेनेट यूनिवर्सिटी में नेटफ्लिक्स की सुपरहिट वेब सीरीज 'राणा नायडू' की स्टारकास्ट आई जिनका कि पूरे जोर-शोर के साथ सभी विद्यार्थियों ने हार्दिक अभिनंदन किया।  राणा नायडू सीरीज में मुख्य किरदार निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता राणा दग्गुबाती , सीरीज में राणा की पत्नी के रूप में बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री सुरवीन चावला और एक फिल्म लेखक, निर्देशक-निर्माता के रूप में अपनी पहचान बना चुके राणा नायडू सीरीज के निर्देशक करण अंशुमन जब बेनेट यूनिवर्सिटी में पहुंचे तब चहुओर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विद्यार्थियों की भीड़ ने पूरे गर्मजोशी से सभी का स्वागत किया। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि बेनेट यूनिवर्सिटी में दक्षिण भारत से आए विद्यार्थियों की तादाद बहुत है यदि हम दक्षिण भारत से बेनेट यूनिवर्सिटी में आए प्रथम वर्ष के सिर्फ़ तेलुगू भाषियों की बात करें तो वह संख्या 100 से 150 के लगभग है। यदि दूसरे , तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को मिला ले तो ये संख्या 400 से अधिक हो जाती है। जब इन विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा अभिनेता को लाइव इतनी पास से देखने को मि...

घर से दूर पहली होली !

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होली एक ऐसा त्योहार जिसमें मैं कभी फूला न समाता हूं। बचपन से लेकर आज तक होली ही एकमात्र ऐसा त्योहार है जिसका मैं सालभर बड़े उत्साह के साथ इंतज़ार करता हूं। इस बात का वजन तब और बढ़ जाता है जब आप इंदौर जैसे शहर से ताल्लुक रखते हो जहां होली से ज्यादा रंगपंचमी का इंतज़ार रहता हैं। जहां रंगों के इस उत्सव में पूरे शहर ही नहीं वरन् दूर-दूर से लोग सिर्फ़ इसलिए शामिल होते है कि इंदौर की रंगपंचमी देखने को मिल जाएं बस। जिस प्रकार मथुरा वृन्दावन की होली बड़ी प्रसिद्ध है ठीक उसी प्रकार इंदौर की रंगपंचमी के अपने देश में ही नहीं विदेशों में भी चर्चे होते हैं।  मुझे शुरुआत से ही दीवाली पर पटाखे खरीदने से ज्यादा उत्सुकता होली पर पिचकारी रंग-गुलाल गुब्बारे खरीदने की रही हैं। मुझे आज भी याद है जब मैं सातवीं-आठवीं में था तब तक भी मैं होली के 1 हफ्ते पहले से पिचकारी लाने की ज़िद करता था और मेरी मम्मी तब मुझे बाज़ार से पिचकारी रंग-गुलाल गुब्बारे सब दिलाने ले जाती थी...। बीते 18 सालों में मैंने कभी अपने घर से दूर होली नहीं मनाई ! इस बार जब अपने करियर को बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए घर से बाहर निकल पड़ा ह...

एक 'रोमकॉम' फ़िल्म है तू झूठी मैं मक्कार !

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कल बहुत दिनों बाद कॉलेज के दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी से सबसे नज़दीक द ग्रैंड वेनिस मॉल में एक मूवी देखी जिसका नाम तू झूठी मैं मक्कार है। मेरी आदत है कि कोई भी मूवी देखने जाता हूं तो उसके पहले पूरी छानबीन कर लेता हूं और सब खोज ख़बर निकाल लेता हूं। डायरेक्टर कौन हैं...प्रोड्यूसर कौन हैं...डायलॉग्स किसने लिखें है...म्यूजिक किसका है...ऐसी तमाम सारी चीज़ों को ध्यान में रखते हुए उसके बाद निश्चय करता हूं कि हां ये मूवी देखने लायक हो सकती हैं।  जब पहली बार लगभग एक महीने पहले ये टाइटल सुना था तो लगा कि हमेशा की तरह कोई बकवास सी घीसीपीटी कहानी होगी पर कल जब मूवी देखी तो सारे अनुमान गलत साबित हुए। गोया, मैंने सारी छानबीन की थी तब सिर्फ़ एक बात से आश्वस्त था कि लव रंजन हमेशा कुछ नया लाते हैं तो इस बार भी कुछ नया होगा पर टाइटल का नाम सुनने के बाद इतना लाज़वाब स्क्रीनप्ले और नई कहानी की तो बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। कहने को तो एक रोमकॉम फ़िल्म है ये लेकिन रोमांटिक कॉमेडी शैली की इस फ़िल्म में आज के समाज में मौजूदा समय की सबसे बड़ी गंभीर समस्या को भी उठाया है। शादी के वक्त लड़कियां आजकल संयुक्त परि...

बाल विवाह के विरुद्ध जागरुकता अभियान में रिपोर्टिंग का एक यादगार दिन !

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रविवार 26 फरवरी 2023 को बेनेट यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ लॉ और टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय फील्ड ट्रिप का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्कूल ऑफ़ लॉ के 10 विद्यार्थी और टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया के हिंदी पत्रकारिता के 8 विद्यार्थी अपने फैकल्टीज के साथ उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के ठसराना गांव गए। साथ ही धनौरी वेटलैंड्स भी गए। वहां जाकर विद्यार्थियों ने एक शानदार नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। जिसके माध्यम से सभी ग्रामीणों को बाल विवाह , कर्मचारियों के अधिकारों के बारे में और महिलाओं को विशेष रूप से यौन उत्पीड़न के बारे में जागरूक किया। सर्वप्रथम वहां पहुंच कर गांव के सरपंच ने सभी अतिथियों का स्वागत स्वालापहार के साथ किया। तत्पश्चात सभी विद्यार्थी दो भाग में बंटकर पूरे गांव में घूमते हुए लोगों को आमंत्रित करते हुए गांव की एक प्रमुख चौपाल पर जहां भगवान शिव का एक अतिशांत सुंदर मन्दिर पर था जहां सभी को बुलाया। सभी ग्रामीणों के इकट्ठा होने के बाद विद्यार्थियों द्वारा 15 मिनट की एक अत्यंत ही आकर्षक एवं प्रभावशील नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। जिसमें ...