जयेश व्यास बने स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एबीवीपी अध्यक्ष

(नैवेद्य पुरोहित)
स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, इंदौर में हर्ष और उत्साह का माहौल उस समय देखने को मिला जब जयेश व्यास को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 2024–25 सत्र के लिए अध्यक्ष चुना गया। यह उपलब्धि न केवल उनके नेतृत्व और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि छात्रों और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भरोसे को भी साबित करती है। दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन एबीवीपी है, जो हमेशा छात्रों की समस्याओं को हल करने और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यरत रहा है। जयेश का अध्यक्ष पद पर चयन यह साबित करता है कि उन्होंने संगठन के मूल्यों और उद्देश्यों को पूरी निष्ठा से अपनाया है। अपनी इस उपलब्धि पर जयेश ने भावुक शब्दों में कहा: "मुझे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुनने के लिए मैं एबीवीपी का आभार व्यक्त करता हूं। मैं सदैव छात्र हितों के लिए समर्पित रहूंगा और संगठन की आदर्शों को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा।"
कैंपस में जश्न का माहौल जयेश के अध्यक्ष चुने जाने के बाद कॉलेज में खुशी की लहर दौड़ गई। फूलों की माला पहनाए गए जयेश का साथियों, शिक्षकों और एबीवीपी के सदस्यों ने भव्य स्वागत किया। पूरे कैंपस में गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जयेश की मुस्कुराहट और उनका आत्मविश्वास सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।
नेतृत्व और विज़न अध्यक्ष पद पर रहते हुए जयेश ने कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है: - छात्रों की भागीदारी बढ़ाना: सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए नए मंच तैयार करना। - शैक्षणिक सुधार: प्रशासन और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना। - छात्र समस्याओं का समाधान: हर छात्र की आवाज़ को प्रमुखता से सुनना और समाधान करना। एबीवीपी की नई कार्यकारिणी घोषित कैंपस में छात्रों के सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए गुरुवार 09 जनवरी को कॉलेज में एबीवीपी इंदौर महानगर सहमंत्री देवेश गुर्जर ने घोषणा कर कार्यकारिणी गठित की। जयेश व्यास (अध्यक्ष), अनमोल मराठा (उपाध्यक्ष), ऋतिक साहू (उपाध्यक्ष), अनुज कुशवाहा (मंत्री) और गगन परमार (सह-मंत्री) का चयन पिछले ट्रैक रिकॉर्ड और सक्रियता के आधार पर किया।
स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के लिए नई शुरुआत जयेश व्यास का चयन कॉलेज के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उनके नेतृत्व में कॉलेज में विकास और एकता के कई नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है। यह जीत न केवल जयेश के लिए बल्कि पूरे छात्र समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।

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