संवाद, सत्ता और सच्चाई का संगम: डीडी कॉनक्लेव में एक यादगार दिन

मेरे लिए आज दिनांक 24 दिसंबर 2025 को भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में दूरदर्शन का कार्यक्रम 'डीडी डायलॉग दमदार 2 साल मोहन सरकार' सिर्फ एक कार्यक्रम में शामिल होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विचार, विमर्श और अनुभवों से भरपूर एक यादगार यात्रा बन गया। दोस्तों के साथ संवाद, हंसी-मज़ाक और गंभीर चर्चाओं के बीच हर क्षण खास रहा।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण देश के चर्चित और प्रभावशाली न्यूज़ एंकर सुधीर चौधरी रहे। मुझे उनसे मुलाक़ात और संवाद का अवसर मिला साथ ही हम सभी मित्रों ने उनके साथ ढेर सारी स्मरणीय तस्वीर भी खिंचवाई। पत्रकारिता को लेकर उनका मार्गदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रोज़ न्यूज़पेपर पढ़ो और डिजिटल ई-पेपर में नहीं, बल्कि पारंपरिक फिजिकल हार्ड कॉपी में पढ़ना चाहिए, क्योंकि यही आदत पत्रकारिता की बुनियादी समझ, अनुशासन और संवेदनशील दृष्टि विकसित करेगी।
जब हमने उन्हें बताया कि हम माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं, तो उन्होंने सहज भाव से कहा, “फिर तो मुझ पर आपका पहला अधिकार है।” यह वाक्य हम सभी पत्रकारिता के विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को संबल देने वाला था। संवाद के दौरान उनका स्वभाव बेहद विनम्र था। सुधीर चौधरी का अतीत किसी से छिपा नहीं है चाहे ऑन-कैमरा 100 करोड़ की रिश्वत मांगना हो या दो बार तिहाड़ जेल जाना। शायद इसी वजह से न्यूज़लॉन्ड्री के अतुल चौरसिया उन्हें “तिहाड़ शिरोमणि” कहते हैं। इन तमाम विवादों के बावजूद, आज का संवाद तथ्य, दृष्टिकोण और अनुभव के स्तर पर समृद्ध रहा। यही लोकतांत्रिक विमर्श की विशेषता भी है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सुधीर चौधरी के बीच हुई बातचीत ने राजनीतिक-सामाजिक विमर्श को और गहराई दी। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा, “हमने लाल सलाम को आख़िरी सलाम किया।” नक्सलवाद के मुद्दे पर उनका रुख़ बिल्कुल स्पष्ट था,“जो हमसे लड़ना चाहेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।”
उन्होंने अपने पुत्र के सामूहिक विवाह पर भी विचार साझा किए और कहा कि यह उदाहरण सत्ता और सादगी के रिश्ते को रेखांकित करता है। उस विवाह में जहाँ एक ओर होटल के वेटर का विवाह था, वहीं किसान के बेटे का भी था और सभी जातियों-वर्गों के लोग उसमें शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अनावश्यक दिखावे से बचना चाहिए और संसाधनों का उपयोग वहीं होना चाहिए जहाँ उनकी वास्तविक आवश्यकता हो। मुख्यमंत्री रहते हुए उनके दोनों बेटों का विवाह हुआ और उन्हें संतोष है कि बच्चे इस निर्णय के लिए तैयार थे।
कार्यक्रम के पश्चात लज़ीज़ व्यंजनों से परिपूर्ण शानदार भोजन का आनंद लिया। कुल मिलाकर, आज का दिन संवाद, सत्ता और सच्चाई तीनों के संतुलित मेल का साक्षी बना। निस्संदेह, यह दिन स्मृतियों में लंबे समय तक दर्ज रहने वाला है। ~ नैवेद्य पुरोहित #प्रसार_भारती #दूरदर्शन #सुधीर_चौधरी #डीडी_डायलॉग #पत्रकारिता #माखनलाल_चतुर्वेदी_राष्ट्रीय_पत्रकारिता_एवं_संचार_विश्वविद्यालय #भोपाल

Comments

  1. नैवेद्य, हमारे मुख्यमंत्री पढ़ें लिखे है श्री मोहन यादव जी, और वह अपनी जिंदगी का अनुभव बता रहे है, दूसरे हमारे देश के चर्चित स्टार tv एंकर सुधीर चौधरी भी, उम्र और अनुभव में तुमसे बहुत बड़े हैं, विनम्र व्यवहार और शालीनता से अच्छे अच्छे लोगों का दिल जीता जाता हैं उनके द्वारा तुम्हे यह कहना की मुझ पर पहला हक तुम्हारा है यही उनका पत्रकारिता के प्रति प्रेम को बताता है, अच्छे गुणी जनों के साथ रहो, अच्छा पत्रकार बनो

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