पिंटू महरा - महाकुंभ का नाविक या हाइप्रोफाइल गैंगस्टर !

(नैवेद्य पुरोहित)
पिंटू महरा का नाम बीते दिनों उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में उठाया गया था। जहां उन्होंने दावा किया था कि महाकुंभ में पिंटू ने 45 दिनों में 30 करोड़ रुपये कमाए थे। यह दावा सुनकर लोगों ने बड़ा आश्चर्य किया लेकिन इस खबर के पीछे की सच्चाई काफी चौंकाने वाली है।
दरअसल, नवंबर 2017 में इलाहाबाद में बर्रू और बच्चा नाम के दो गिरोहों के बीच गैंगवार चल रहा था। इस गैंगवार में कई जानें जा चुकी थीं और कई मुकदमे भी दर्ज हो चुके थे। एक दिन बच्चा गिरोह ने बीच बाजार में बर्रू गिरोह पर गोलियां चलाईं जिसमें निर्दोष अखिलेश त्रिपाठी की जान चली गई। जनेऊ पहने ये वहीं अखिलेश त्रिपाठी है जो हिंदी साहित्य के महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पौत्र थे। और उस दिन सब्जी लेने बाजार गए थे। उस दिन बच्चा गिरोह का नेतृत्व यही पिंटू महरा कर रहा था। जिसके बारे में योगी आदित्यनाथ ने उत्तरप्रदेश विधानसभा में सीना फुलाते हुए दावा किया था। जिस व्यक्ति का एनकाउंटर होना चाहिए था, वह व्यक्ति यूपी सरकार की आंख का तारा बना हुआ है।
पिंटू महरा पर दर्ज हुए है कई आपराधिक मुकदमे! पिंटू महरा के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं। उसका पूरा परिवार कुख्यात है, 2010 और 2016 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। 2013 और 2015 में गुंडा एक्ट में भी केस दर्ज हो चुका है। महरा परिवार के कई लोग हार्डकोर क्रिमिनल है और कई बार जेल जा चुके हैं। पिंटू महरा के पिता बच्चा मेहरा की जेल में मौत हो गई थी। यह खबर सवाल उठाती है कि क्या पिंटू महरा वास्तव में एक सफल नाविक है या फिर उसके पीछे छिपी सच्चाई कुछ और है? सवाल यह उठता है कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री योगी को इस परिवार की असली सच्चाई क्यों नहीं बताई? यह समय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर स्पष्टीकरण दे और जनता के सवालों का जवाब दे। #पिंटू_महरा #महाकुंभ #योगी_आदित्यनाथ #सूर्यकांत_त्रिपाठी_निराला #अखिलेश_त्रिपाठी #बच्चा_महरा #गैंगस्टर #इलाहाबाद #नाविक

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