रशिया टुडे का अद्वितीय सफ़र और मास्टरक्लास का अनुभव!
(नैवेद्य पुरोहित)
आज के डिजिटल युग में जहाँ सूचना का आदान-प्रदान त्वरित और व्यापक हो चुका है, "रशिया टुडे (आरटी)" ने अपने निरंतर प्रयासों और नवाचारों के बल पर अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता में एक अद्वितीय पहचान बनाई है। टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया, बेनेट यूनिवर्सिटी के सहयोग से गुरुवार दिनांक 6 फरवरी 2025 को आयोजित मास्टरक्लास में पत्रकारिता में नैतिकता, जिम्मेदारियों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग के पहलुओं पर चर्चा की गई, जिससे मीडिया का विद्यार्थी होने के नाते नई दिशा और प्रेरणा मिली। सत्र का विषय "एक अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क के लिए काम करना: रिपोर्टिंग, प्रस्तुतीकरण, नैतिकता और जिम्मेदारियाँ" था। जिसकी मुख्य वक्ता रशिया टुडे की प्रेजेंटर और सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट निक्की आरोन और रशिया टुडे एकेडमी की शैक्षणिक परियोजनाओं की प्रमुख अन्ना कोवतुनोवा रही।
रशिया टुडे का वैश्विक सफ़र
रशिया टुडे का गठन 2005 में रूस की छवि विदेशों में सुधारने के लिए रूसी सरकार द्वारा किए गए जनसंपर्क प्रयास का एक हिस्सा था। आरटी को रूस की सरकार के हिस्से, फेडरल एजेंसी फॉर प्रेस एंड मास मीडिया द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। 2005 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय चैनल के लॉन्च के बाद रशिया टुडे ने निरंतर प्रगति करते हुए एक ऐसा वैश्विक समाचार नेटवर्क स्थापित किया है जो वर्तमान घटनाओं, विश्लेषण, वृत्तचित्रों और समकालीन चर्चाओं को दस प्रमुख भाषाओं - अंग्रेज़ी, अरबी, हिंदी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन, सर्बियाई, चीनी, पुर्तगाली और रूसी में प्रसारित करता है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा रूसी टेलीविज़न चैनल है जिसे अब तक 11 बार एमी अवॉर्ड्स के फाइनलिस्ट में नामित किया गया है। रशिया टुडे ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए दो ऐतिहासिक मील के पत्थर स्थापित किए हैं:
1. 2013 में यूट्यूब पर 1 अरब व्यूज का मुकाम हासिल कर, यह दुनिया का पहला ऐसा न्यूज चैनल बन गया जिसने इस उपलब्धि को छुआ। जिस दौर में लोग यूट्यूब को एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में देखते थे उस समय रशिया टुडे ने बताया कि यूट्यूब पर भी पत्रकारिता की जा सकती हैं।
2. 2020 में अपनी लोकप्रियता को और बढ़ाते हुए, इसने यूट्यूब पर 10 अरब व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया।
ये उपलब्धियाँ न केवल डिजिटल मीडिया के बदलते परिदृश्य को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी साबित करती हैं कि रशिया टुडे ने दर्शकों के विश्वास और रुचि को किस प्रकार कायम रखा है।
पत्रकारिता में नैतिकता और जिम्मेदारी
टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया के सहयोग से आयोजित इस मास्टरक्लास में पत्रकारिता के उन महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई जो अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क में काम करते समय आवश्यक होते हैं।
इस सत्र में अनुभवी पत्रकार निक्की आरोन ने अपने दो दशकों से अधिक के अनुभवों को साझा किया, जिन्होंने बीबीसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काम करते हुए अनेक महत्वपूर्ण स्टोरी कवर की। साथ ही, रशिया टुडे के शैक्षिक विभाग की प्रमुख अन्ना कोवतुनोवा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने यह बताया कि कैसे पश्चिमी पत्रकारों को उनके देश में रिपोर्टिंग का अवसर तो दिया जाता है। लेकिन रशिया टुडे को वेस्टर्न वर्ल्ड में कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
डिजिटल सफलता के साथ, चुनौतियाँ भी हैं!
यह ऐतिहासिक सफ़र तब और भी रोचक हो जाता है जब इसके साथ एक व्यापक और गंभीर विवाद भी जुड़ा हुआ है। अमेरिकी-नाटो समर्थित बहुचर्चित रूस-यूक्रेन संघर्ष, जिसमें सैकड़ों हजारों लोगों की जानें चली गई हैं और साथ ही गाजा में हो रही हिंसा के दौरान मीडिया पर लगे प्रतिबंध ने मीडिया के स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। मेटा और यूट्यूब जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ने भी रूस की राज्य द्वारा वित्तपोषित मीडिया जैसे रशिया टुडे और स्पूतनिक को ऐसे नियमों के तहत ब्लॉक कर दिया गया है जिनका उद्देश्य "हिंसात्मक घटनाओं को कम करके दिखाना है।" यह प्रतिबंध पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर किया गया हमला है। यूट्यूब द्वारा की गई यह ब्लॉकिंग प्रेस की स्वतंत्रता जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला तो है ही। साथ ही वेस्टर्न वर्ल्ड के विचारों को दोहरे मापदंड के रूप में उजागर करती हैं।
तकनीकी नवाचार और भविष्य की चुनौतियाँ
समाचार जगत में तकनीकी प्रगति की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। इस मास्टरक्लास में यह भी बताया गया कि एआई का उपयोग चुनावी आंकड़ों में खासतौर पर विश्लेषण के लिए, 3डी मॉडल तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया जाता है। वहीं दूसरी ओर आज एआई न्यूज एंकर के ज़माने में ह्यूमन फेस का भी अपना महत्व है। दर्शक आज भी वास्तविक मानवीय संवेदना और इंसानी चेहरे के संपर्क को प्राथमिकता देते हैं, जिसके चलते एआई आधारित न्यूज़ एंकर का विकल्प तेज़ी से लोकप्रियता हासिल नहीं कर पा रहा है।
भारत में रशिया टुडे का कदम
जब बात भारतीय मीडिया की आती है, तो रशिया टुडे ने इस ओर भी अपना रुख मजबूत किया है। मेरे द्वारा रशिया टुडे में हिंदी कॉन्टेंट बढ़ाने संबंधी प्रश्न पूछे जाने पर भारत में रशिया टुडे काम देख रहे सीनियर एडिटर रुसलान ने बताया कि आरटी ने पहले ही अपने डिजिटल पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी भाषा जोड़ ली है। आगे भी जल्द ही वे रशिया टुडे न्यूज चैनल का स्टूडियो बना रहे उसमें भी हिंदी को वरीयता दी जाएगी। इससे यह स्पष्ट होता है कि भविष्य में भारत जैसे विशाल और विविध भाषाई परिदृश्य वाले देश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए वे लोग पूरी तरह से तैयार है। हिंदी भाषा के जरिए, रशिया टुडे भारतीय दर्शकों तक अपनी पहुंच को और अधिक विस्तृत करने का प्रयास करेगा। फरवरी 2024 में लॉन्च हुई "रशिया टुडे एकेडमी" ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों और नए लोगों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया है।
रशिया टुडे का सफ़र हमें यह सिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता में निरंतर नवाचार, नैतिकता और जिम्मेदारी ही सफलता की कुंजी हैं। इस मास्टरक्लास ने युवा पत्रकारों को न केवल तकनीकी नवाचार और रिपोर्टिंग के नए आयाम सिखाए, बल्कि उन्हें यह भी याद दिलाया कि पत्रकारिता समाज में जागरूकता और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम है। आज जब हम डिजिटल क्रांति के युग में है तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि जागरूकता, नैतिकता और जिम्मेदारी का संदेश भी हैं।
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अंतरराष्ट्रीय जर्नलिज्म की और बढ़ते कदम............................................लगता हैं जल्दी ही रशिया का चैनल और स्टूडियो कार्य करने लगेगा.... और हमारे पत्रकार साथियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की न्यूज चैनल, वेब पोर्टल आदि में कार्य का अनुभव भी होगा . यह अच्छा संकेत है,
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