मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में परीक्षा में देरी के कारण हजारों छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवाल ?

मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (एमपीएमएसयू), जबलपुर से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाएं आयोजित न करवाने के कारण उनकी शैक्षणिक प्रगति अनिश्चित काल के लिए रुक चुकी है। यह मुद्दा जो हजारों छात्रों को प्रभावित करता है, इस मुद्दे ने आज उनके भविष्य की संभावनाओं के बारे में चिंतित बना दिया है।
जिन छात्रों को 2022 में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करनी थी, उन्हें प्रवेश में देरी का सामना करना पड़ा और आधिकारिक तौर पर इंदौर के माहसी - एमजीएम अलाइड हेल्थ साइंसेस इंस्टिट्यूट में 15 मार्च 2023 को कक्षाएं शुरू हुईं। एक वर्ष से अधिक की शैक्षणिक व्यस्तता के बावजूद, इन छात्रों को अभी तक अपनी पहली परीक्षा में बैठना बाकी है। एक परेशान छात्रा ने कहा, "पहले से ही विलंबित प्रवेश प्रक्रिया का सामना करने के बाद हमने मार्च 2023 में अपनी कक्षाएं शुरू कीं। अब एक साल से अधिक समय हो गया है और हमारी कोई परीक्षा नहीं हुई है। अब तक हमें सेकंड ईयर में होना था और आज हमारा भविष्य अंधकारमय और अनिश्चित लगता है।" यह समस्या नवीनतम बैच की नहीं है बल्कि उससे भी आगे तक फैली हुई है। सीनियर छात्र जिन्होंने दिसंबर 2021 में अपनी पढ़ाई शुरू की वे लोग भी बिना एक भी परीक्षा आयोजित किए तीन साल पूरे कर चुके हैं। यह देरी न केवल एक शैक्षणिक बाधा है बल्कि उनके करियर की आकांक्षाओं और मानसिक कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है। परीक्षाओं में देरी के कारण भारी बैकलॉग हो गया है। प्रभावित छात्रों ने एमपीएमएसयू और संबंधित शैक्षिक अधिकारियों से इस गंभीर मुद्दे का तुरंत समाधान करने का आग्रह करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। यह चिंताजनक स्थिति तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से उनकी परीक्षाओं का समय निर्धारित करने और बढ़ती चिंता और अनिश्चितता को कम करने के लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक समयरेखा प्रदान करने का आह्वान कर रहे है। ~ नैवेद्य पुरोहित #मध्यप्रदेश_मेडिकल_साइंस_यूनिवर्सिटी_जबलपुर #माहसी_-_एमजीएम_अलाइड_हेल्थ_साइंसेस_इंस्टिट्यूट

Comments

  1. स्टूडेंट्स की समस्या को उठाने के लिए , साधुवाद।
    लगातार लिखते रहो, असर होगा ही,
    * कोन कहता है आसमान में सुराख नही होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों.....

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