एक यादगार ट्रिप: गोवा विथ फैमिली
बहुत लंबे समय बाद परिवार के साथ प्रदेश के बाहर कहीं घूमने जाने का प्लान बना। 4 साल पहले जून 2019 में इमैजिका, दमन, सापुतारा व गुजरात के कुछ स्थानों पर गया था। उसके बाद परिवार के साथ बाहर निकलना हो नहीं पाया। उल्लेखनीय है कि जिनके साथ हम पहले गए थे उन्हीं परिवार के साथ इस बार भी जाने का प्लान बनाया खास बात ये है कि उस परिवार के साथ दोस्ती को 50 साल से ज्यादा हो चुके है और तीन पीढ़ी से चली आ रही यह दोस्ती आज भी कायम है। बड़ी जद्दोजहद के बाद यह गोवा ट्रिप की प्लानिंग की गई थी जिसके लिए मैं बहुत बेचैन था अब गोवा के नाम पर आमधारणा है कि दोस्तों के साथ जाने वाली जगह या हमउम्र के लोगों के साथ जाया जाएं तो ज्यादा मज़ा आता है पर मेरे लिए यह बात गलत सिद्ध हुई और परिवार के साथ मुझे डबल मज़ा आया ! हम कुल पंद्रह लोग थे सबके अपने ग्रुप बन गए थे बड़े लोग सब ट्रैवलर में आगे बैठते बच्चे बीच में और हम थोड़े बड़े बच्चे सबसे पीछे। मम्मी पापा अंकल आंटी बुआजी फूफाजी की आपस में जमती... झलक, पलक, रिद्धिमा, कलश और नायशा उनका अलग खेला करते....मैं, माही, रिदम और विन्नी की भी अच्छी बॉन्डिंग बन गई और साथ मिल गया।
अब आते है मेरे सफ़र पर लगभग दो हज़ार आठ सौ किलोमीटर से ज्यादा का यह सुहावना सफर फुल रोड ट्रिप का रहा। इस सफ़र के दौरान मैंने यह भी अनुभव किया कि सबसे ज्यादा मस्ती मज़े अगर कोई सफ़र में आते है तो वह रोड ट्रिप में ही आते है! गुरुवार 22 जून की सुबह हम इंदौर से निकले और सीधे 30 जून की सुबह वापिस पहुंचे। इंदौर से निकलते हुए देर रात महाराष्ट्र में नांदेड़ पहुंचे जहां रात्रि विश्राम किया फिर सुबह नांदेड़ के प्रसिद्ध गुरुद्वारा तखत सचखंड श्री हजुर अबचल नगर साहिब के दर्शन किए। नांदेड़ से करीब दोपहर 12:00 बजे निकले और शाम 6-7 बजे तक पहुंच गए विश्व की सबसे बड़ी फिल्म सिटी 1666 एकड़ में फैली हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी। यहां हमने होटल सहारा में एक डॉरमेट्री रूम ले लिया और सभी ने मिलकर खूब धमाल चौकड़ी मचाई। सुबह रामोजी फिल्म सिटी का टूर था जो कि बहुत अद्भुत रहा टूर गाइड ने सारी चीज़े बताई फिल्मों के सेट देखने के अलावा लाइट साउंड कैमरा कैसे मैनेज किया जाता है, किस तरह से फिल्मों में आवाज़ क्रिएट की जाती है, फिल्म डायरेक्शन किस प्रकार से होता है सहित तमाम सारी बातें जानने को मिली। ओपन बस में रामोजी का टूर करने के बाद रियल काउबॉय स्टंट शो देखा जो कि बेहद रोमांचक था। रामोजी में ही बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली के दोनों हिस्सों की पूरी शूटिंग हुई है आज भी वहां बाहुबली का सेट पर्यटकों के देखने के लिए उपलब्ध है। फिल्म सिटी में हमने ऐडवेंचर राइड्स भी की ऐसी ही एक साइंस फिक्शन ऐडवेंचर की स्पेस यात्रा का भी अनुभव किया। रामोजी फिल्म सिटी इतनी बड़ी है कि उसे घूमने के लिए पूरा एक दिन भी कम लग रहा था। शाम को हम रामोजी से आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के लिए निकले देर रात होने से आधे रास्ते पहुंच कर एक बहुत ही जटिल होटल में ठहरना पड़ा वहां भी हमने जटिल परिस्थितियों में बहुत मज़े करें! सुबह दर्शन के लिए रवाना हुए तो दोपहर तक मल्लिकार्जुन पहुंच चुके थे बारह ज्योतिर्लिंगों में से दूसरे स्थान पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का ज़िक्र है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है। मन्दिर परिसर में प्रवेश करते से ही एक अलग ही आध्यात्मिक आभा महसूस होने लगी। इस बहुत ही सुंदर मन्दिर की गौर करने वाली बात यह थी कि यहां भगवान शिव के इस ज्योतिर्लिंग का शिवलिंग आधा धरती में धसा हुआ था। दर्शन करने के बाद शाम को हम गोवा के लिए निकले गोवा के लिए सभी इतने बेसब्र थे की पूरी रात ट्रैवलर में ही गुज़ार दी और श्रीशैलम से गोवा तक का लगभग 700-750 किलोमीटर का सफ़र एकमुश्त में तय कर लिया। अगले दिन 26 तारीख को शाम करीब 4:00 बजे हम गोवा पहुंचे होटल ढूंढने में ही एक दो घंटे बीत गए और आखिर में गोवा टूरिज्म का बेहतरीन रिसॉर्ट 'मीरामार रेसिडेंसी' मिला। यहां रिलैक्स होने हम सभी स्विमिंग पूल में कूद पड़े और यादगार पल बनाए। रात में गोवा घूमने सैर सपाटी करने निकले और अगले दिन सुबह गोवा के सबसे बड़े बीच कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा और क्रूज़ के आनंद लिए। शाम को वापिस अपने ठिकाने मीरामार रेसिडेंसी के पूल में फिर से कूद पड़े। 28 जून की वह तारीख मुझे हमेशा याद रहेगी गोवा में हमारा आखिरी दिन था सुबह उठते ही पास के मीरामार बीच गए फिर भारत के सबसे पुराने चर्च में से एक 400 साल से ज्यादा पुराना बसिलिका ऑफ बॉम जीसस घूमे और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के म्यूजियम में मौजूद कई दुर्लभ चीज़ों को देखा। इन सबके अलावा गोवा का एक वर्षों पुराना प्रसिद्ध श्री मंगेश मंदिर के भी दर्शन करने गए। यह मंदिर देखते ही बन रहा था बहुत ही आकर्षक वास्तुकला थी। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव बाघ के रूप में देवी पार्वती के सामने प्रकट हुए थे। जिसे देखकर माता घबरा गईं थी और उनके मुंह से रक्षाम् गिरीश शब्द निकला। तब से भगवान शिव यहां मंगिरीश के नाम से पूजे जाने लगे। गोवा में स्थित इस मंदिर को लेकर लोगों की काफी आस्था है और दूर सुदूर इलाकों से लोग यहां दर्शन करने आते है। यह सब देखने के बाद गोवा को अलविदा कहने और घर जाने का समय आ गया था। शाम 6:00 बजे करीब हम गोवा से निकले ही थे कि मौसम बिगड़ने लगा और गोवा बॉर्डर क्रॉस करते ही महाराष्ट्र में जिस रास्ते से हम जा रहे थे वह सीधा खड़ा घाट था जहां पर बादल आना शुरु हो गए! एक तरफ़ घना जंगल गहरी खाई दूसरी तरफ विशाल चट्टानें बीच में बेहद पतला सा रोड़ न आगे कोई न पीछे कोई दूर दूर तक एक गाड़ी भी नज़र नहीं आ रही थी! मौसम इतना खराब हो चुका था कि आसपास दिखना तक मुश्किल हो रहा था ऐसे समय तुरंत गाड़ी बंद करवाई जो जैसा था वही को रुक गया एक पल के लिए ऐसा लग रहा था मानों कुछ भी हो सकता है पूरी गाड़ी में डरा सहमा हुआ माहौल बन चुका था। इतने में दूर से हमें एक लाल लाइट आते हुए दिखाई दी किसी छोटी कार की वह लाइट का पीछा करते हुए सहमे-सहमे से हम आगे बढ़े थोड़ी दूर जाकर वह कार एक रिसॉर्ट के बाहर रुक गई और हम सभी बहुत खुश हुए कि जैसे तैसे सही सलामत एक सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। वह कार वाला हमारे लिए एक देवदूत ही साबित हुआ अभी भी ख्याल आता है कि अगर वो कार वाला नहीं होता तो हम उस परिस्थिति में किस तरह और कब तक रहते! खैर, वह ग्रीनहिल रिसॉर्ट में हमने फिर एक डॉरमेट्री रुम लिया और एक बार फिर मस्ती मज़े करते हुए यादगार पल बनाते हुए खूब एन्जॉय किया।
सुबह जल्द ही उठकर इंदौर के लिए रवाना हो गए क्योंकि सफ़र अभी भी 600-700 किलोमीटर का बाकी था और जैसे पहले श्रीशैलम से गोवा पूरी रात सफ़र तय करके पहुंचे थे ठीक उसी तरह वो पूरी रात भी हमने ट्रैवलर में ही बिताई और सुबह करीब 10:00- 11:00 बजे इंदौर पहुंचे। हफ़्तेभर के इस सफ़र में निश्चित तौर पर हमने खूब मज़े किए... ट्रैवलर में सभी ने अंताक्षरी, दमशरास और बहुत से गेम्स खेलें... नाचे गाएं खेले कूदे...ढेर सारी बातें की...एक अलग ही यादगार ट्रिप थी यह...बहुत से शानदार लम्हें बने जो आजीवन मेरी स्मृति में संजोए हुए रहेंगे। कुछ दिन कुछ पल बिताए गए वो लम्हों की यादें उम्र भर मेरे साथ रहेंगी !
~ नैवेद्य पुरोहित
#गोवा_ट्रिप
#गोवा_विथ_फैमिली



बहुत अच्छा लिखने लगे हों नेवेध्य,
ReplyDeleteबेहद संतुलित नपा ,तुला और मर्यादित ।
जल्द ही एक और टूर करेंगे
एकसाथ......