एक 'रोमकॉम' फ़िल्म है तू झूठी मैं मक्कार !

कल बहुत दिनों बाद कॉलेज के दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी से सबसे नज़दीक द ग्रैंड वेनिस मॉल में एक मूवी देखी जिसका नाम तू झूठी मैं मक्कार है। मेरी आदत है कि कोई भी मूवी देखने जाता हूं तो उसके पहले पूरी छानबीन कर लेता हूं और सब खोज ख़बर निकाल लेता हूं। डायरेक्टर कौन हैं...प्रोड्यूसर कौन हैं...डायलॉग्स किसने लिखें है...म्यूजिक किसका है...ऐसी तमाम सारी चीज़ों को ध्यान में रखते हुए उसके बाद निश्चय करता हूं कि हां ये मूवी देखने लायक हो सकती हैं। 

जब पहली बार लगभग एक महीने पहले ये टाइटल सुना था तो लगा कि हमेशा की तरह कोई बकवास सी घीसीपीटी कहानी होगी पर कल जब मूवी देखी तो सारे अनुमान गलत साबित हुए। गोया, मैंने सारी छानबीन की थी तब सिर्फ़ एक बात से आश्वस्त था कि लव रंजन हमेशा कुछ नया लाते हैं तो इस बार भी कुछ नया होगा पर टाइटल का नाम सुनने के बाद इतना लाज़वाब स्क्रीनप्ले और नई कहानी की तो बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। कहने को तो एक रोमकॉम फ़िल्म है ये लेकिन रोमांटिक कॉमेडी शैली की इस फ़िल्म में आज के समाज में मौजूदा समय की सबसे बड़ी गंभीर समस्या को भी उठाया है। शादी के वक्त लड़कियां आजकल संयुक्त परिवारों से दूर भागती हैं। कईयों की चॉइस ऐसी है कि घर में सिर्फ़ लड़का होना चाहिए लड़के के परिवार में देवर जेठ ताऊजी ताईजी की बात छोड़ो सास ससुर भी नहीं चाहती है! मूवी में भी यहीं दिखाया गया है कि एक लड़का जो अपने परिवार के बिना अपने जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकता जिसके लिए अपना परिवार ही सबकुछ हैं। उसे एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जिसे 'प्राइवेट स्पेस' चाहिए रहती है। जो परिवार के साथ रहना पसंद नहीं करती और उसके लिए परिवार से बढ़कर अपना करियर ज्यादा महत्व रखता हैं। इस फ़िल्म ने आज के आधुनिक युग के रोमेंटिक रिश्तों और ऐसे मुद्दों को छुआ है जो हकीकत से ज्यादा दूर नहीं हैं! 

इस सबके अलावा जो नया कॉन्सेप्ट इस मूवी में देखने को मिला वह था 'ब्रेकअप कंसल्टेंसी' का। मूवी में रणबीर कपूर के मल्टीपल बिज़नेस के साथ एक साइड बिजनेस भी दिखाया है जो साइड न होते हुए मुख्य काम होता है! क्या आज का हमारा समाज सच में आधुनिकता की इस होड़ में इतना आगे निकल गया है कि ऐसे सलाहकारों की आवश्यकता हैं ? जो रिश्ते तुड़वाते हैं ? आज की पीढ़ी किसी के साथ अपना रिश्ता तोड़ने के लिए घर के बड़े बुजुर्गों की राय लिए बिना अनजान लोगों को मोटा पैसा देकर खुद का रिश्ते तोड़ने के लिए कह रही हैं। यह मूवी देखने के बाद जब सर्च किया ब्रेकअप कंसल्टेंसी के बारे में तो पता चला कि वास्तव में कई सारे तमाम ऑनलाइन ब्रेकअप थैरेपिस्ट बैठे हुए हैं। जो पैसा लेकर अपनी ऑनलाइन/ ऑफलाइन ब्रेकअप काउंसलिंग सेवा देते हैं! 

खैर, पूरी फ़िल्म में सभी पात्रों का अभिनय अप्रतिम था जो फ़िल्म का मुख्य प्लस प्वाइंट हैं। रणबीर कपूर , श्रृद्धा कपूर , बोनी कपूर , डिंपल कपाड़िया के अलावा जो सबसे ज्यादा काबिलेतारीफ़ नाम है वह है अनुभव सिंह बस्सी का जो रणबीर के बेस्टफ्रेंड की भूमिका में हैं। एक स्टैंडअप कॉमेडियन के तौर पर अपनी पहचान के साथ लाखों प्रशंसक बना चुके बस्सी की यह पहली फ़िल्म है जिसमें उनके परफॉर्मेंस को सालों तक याद किया जाएगा। रही बात संगीत की तो फ़िल्म रिलीज़ होने के पहले ही इसके सारे गाने हिट हो चुके है। प्रीतम का म्यूजिक , अमिताभ भट्टाचार्य के लिरिक्स और अरिजित सिंह की आवाज़ एक बार फिर से हमेशा की तरह दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं। 

कुलमिलाकर यह फ़िल्म बेहतरीन हैं हालांकि बीच में कुछ उबाऊ सीन भी आते हैं पर म्यूजिक के साथ सभी कलाकारों का अभिनय इस बात को नज़रअंदाज़ करवा देता हैं। फैमिली ड्रामा होने के साथ इस रोमकॉम (रोमेंटिक कॉमेडी) मूवी को एक बार तो अवश्य ही देखा जा सकता हैं !  


~ नैवेद्य पुरोहित 


#तू_झूठी_मैं_मक्कार

#फ़िल्म_रिव्यू  

#समीक्षा



Comments

  1. It was a fabulous review bro...
    We all enjoyed a lot ✌️💯

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  2. Maza aa gaya tha bhai uss din...
    btw you explained it wonderfully 😃👏

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  3. बहुत ही अच्छा लिखा है,इस रिव्यू मैं न्यू बिजनेस ब्रेकअप कंसल्टेंसी का भी पता चला है, देश में क्या क्या गजब चल रहा है

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